दरअसल जूता एक हिंसक हथियार नही है । जूता एक हथियार है जो अहिंसक आदमी एक अन्दर की भावना को परकट करता है क्योकि वह ब्यक्ति को बाहरी चोट नही पहुचता, वह पहुचता ब्यक्ति के सम्मान तथा रुतबे को चोट ।
बुश को भी जूता भी इशी कड़ी का एक परारूप था जो उस ब्यक्ति , जिस ने जूता मर कर के यह परकट किया के वह बुश अथवा अमरीका के नीतियों दे खफा है और उनका विरोध करता है।बरहाल अपनी सता के अन्तिम दौर में बुश के लिये यह एक जलालत भरी बिदाई है जो उन्हें ताउमर याद रहेगी ।
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